विद्युत कर्मचारी संघ समिति उत्तर प्रदेश के अंतर्गत कार्य बहिष्कार और 20 मई 2025 से प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जिले के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी अग्रिम आदेश तक लगाई है।
यह आदेश हड़ताल शुरू होते ही तत्काल प्रभावी होगा।जिलाधिकारी ने विद्युत उपकेंद्रों के सुचारू संचालन के लिए चार अधिशासी अभियंताओं सहित कुल 102 अधिकारियों की शिफ्टवार ड्यूटी तय की है।
इस व्यवस्था के तहत निम्नलिखित अधिशासी अभियंताओं को विभिन्न उपकेंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है
- राजेश निगम (मो. नं. 9837521990), अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड (लो.नि.वि.), को कसया, सांखोपार, कुशीनगर, कसया ग्रामीण, गुरुवलिया, गोपालगढ़, फाजिलनगर, और पटहेरवा विद्युत उपकेंद्रों की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है।
- राजेश सिंह (मो. नं. 7007819093), अधिशासी अभियंता, लो.नि.वि. (प्रांतीय खंड), को हाटा तहसील, खोट्टा, बरौली, बिस्वा मठवालगिर, कप्तानगंज, मथौली, घिदहाचक बैरिया, सोहसा मठिया, रामकोला, टेकुआटार रगड़ गंज, लक्ष्मीगंज फीडर, रामकोला न्यू, पडरौना, न्यू विशुनपुरा, पडरौना ओल्ड टाउन नंबर-1, और रविंद्रनगर की जिम्मेदारी दी गई है।
- दूधनाथ राम (मो. नं. 9450687374), अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड-2, को आईपीडीएस खड्डा, छितौनी, जरार, मनिकौरा, कोटवा, और कुबेरस्थान उपकेंद्रों का प्रभारी बनाया गया है।
- बुधई राम (मो. नं. 9452752401), अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, को तमकुहीराज, तरया सुजान, दुदही, और सेवरही (आईपीडीएस) उपकेंद्रों की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है।
जिलाधिकारी ने सभी उपकेंद्रों पर तीन शिफ्टों में अधिकारियों की तैनाती की है, जिसमें नोडल अधिकारियों के अतिरिक्त 102 अधिकारियों को शामिल किया गया है।
यह व्यवस्था विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने और हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए की गई है।
जिलाधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने उपकेंद्रों पर सतत निगरानी रखें और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।









