नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में क्लोज-डोर मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखा गया। विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले के बाद की स्थिति पर चर्चा हुई। पाकिस्तान ने इस बैठक की मांग की थी, ताकि वह जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठा सके और भारत पर आक्रामकता का आरोप लगा सके। हालांकि, बैठक से पाकिस्तान को कोई ठोस नतीजा नहीं मिला। न तो कोई रिजॉल्यूशन पारित हुआ और न ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिससे पाकिस्तान की कोशिशें नाकाम रहीं।
पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार ने दावा किया कि मीटिंग का मकसद पूरा हुआ और कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपना पक्ष मजबूती से रखा और इसे आंतरिक मामला करार दिया। UNSC के 15 सदस्यों, जिनमें ग्रीस मई 2025 के लिए अध्यक्ष था, ने कोई औपचारिक कदम नहीं उठाया। यह भारत की कूटनीतिक ताकत को दर्शाता है, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से उठाए गए मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन नहीं मिला।
असीम इफ्तिखार ने किया बड़ा दावा
इसके साथ ही असीम इफ्तिखार ने दावा किया कि उनकी मांग पर UNSC की बैठक का आयोजन ही उनकी कूटनीतिक जीत है। इफ्तिखार ने दावा किया कि यह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। पाकिस्तान ने झूठ के जरिए UNSC को यह समझाने की कोशिश की कि भारत की कार्रवाइयां जैसे अटारी सीमा बंद करना, राजनयिक संबंधों को और कम करना और आतंकवाद के खिलाफ भारत का कठोर और निर्णायक रुख क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ा रहा है।









