Wednesday, May 27, 2026
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
HomeUTTAR PRADESHफडणवीस सरकार ने लाडली बहना योजना में किए बदलाव, अब 8 लाख...

फडणवीस सरकार ने लाडली बहना योजना में किए बदलाव, अब 8 लाख महिलाओं को नहीं मिलेंगे 1500 रुपये

fok-media-samman-samaroh


Ladli Behna Yojana: हाल ही में, महाराष्ट्र सरकार ने लाडली बहन योजना में कुछ बदलाव किए हैं। इस योजना से जुड़ी सभी महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाते थें। लेकिन अब योजना में किए बदलाबों के तहत आठ लाख महिलाओं को 1500 रुपये के बजाय 500 रुपये ही दिए जाएंगे। सरकार ने लाडली बहन योजना में किए बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि 1500 रुपये का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो किसी दूसरी योजना का लाभ नहीं उठा रही हैं। 


सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?


दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने एक बार फिर लाडली बहन योजना के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। योजना के नए बदलावों के तहत कुछ महिलाओं को 1500 रुपये के बजाय 500 रुपये ही दिए जाएंगे। यानी इस योजना का पूरा लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिन्हें  किसी दूसरी योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो। बता दें, जिन महिला किसानों को ‘नमो किसान सम्मान निधि’ का लाभ मिल रहा है। उन्हें अब लाडली बहन योजना में सिर्फ 500 रुपये ही मिलेंगे। ‘लाडली बहन योजना’ और ‘नमो किसान सम्मान निधि’ दोनों ही योजना में लाभार्थियों की संख्या करोड़ों में हैं। 


लेकिन एक रिपोर्ट की मानें तो इस बार राज्य सरकार अपने खर्चों को नियंत्रित करने के दबाव मे है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पर 2025-26 तक 9.3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। लेकिन सरकार को अपनी मुख्य योजनाओं को भी सुचारु रूप से चलाना है। इसलिए सरकार ने साल 2025-26 के बजट में लाडली बहना योजना की राशि 46,000 करोड़ रुपये से घटाकर 36,000 करोड़ रुपये कर दी थी। ऐसे में सरकार ने फैसला किया है जो महिलाएं ‘नमो किसान सम्मान निधि’ का लाभ ले रही है। उन्हें ‘लाडली बहन योजना’ के तहत हर महीने 1500 के बजाय 500 रुपए मिलेंगे। 


लाडली बहना योजना के लाभार्थियों की जांच


बता दें, बीते कुछ समय से सरकार लाडली बहना योजना के लाभार्थियों की जांच कर रही है। ताकि सिर्फ सही और जरूरतमंद लोगों की ही इस योजना का लाभ मिल सके। इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि लाडली बहना योजना के लिए अक्टूबर में लगभग 2.63 करोड़ आवेदन आए थे। लेकिन जांच के बाद फरवरी में इसकी संख्या 2.52 करोड़ हो गई।

*अन्य बड़ी खबरों के लिए समाचार लाइव के होम पेज पर जाएं
----------------------------------------------------------------
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -free website builder
- Advertisment -free website builder

Latest Post

Most Popular