BJP-AIADMK Alliance: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में फिर से एनडीए (NDA) की सरकार बनेगी। पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद के लिए गठबंधन का चेहरा बनाया गया है।
एनडीए में मिलकर लड़ेंगी पार्टियां
अमित शाह और पलानीस्वामी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। शाह ने कहा कि भाजपा, AIADMK और अन्य सहयोगी दल NDA के तहत चुनाव लड़ेंगे।राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व करेंगे। राज्य में चुनावी नेतृत्व पलानीस्वामी संभालेंगे।
शाह ने साफ किया कि भाजपा, AIADMK के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी। सीटों का बंटवारा और मंत्रिमंडलों का निर्णय बाद में आपसी बातचीत से तय किया जाएगा। फिलहाल इस पर चर्चा नहीं हुई है।
DMK पर निशाना, जनता असली मुद्दों पर देगी वोट– शाह
अमित शाह ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि DMK धर्म और भाषा जैसे मुद्दे उठाकर जनता का ध्यान भटका रही है।उन्होंने दावा किया कि जनता भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और दलितों व महिलाओं पर हो रहे अत्याचार जैसे मुद्दों पर वोट करेगी।
भाजपा और AIADMK ने क्यों किया गठबंधन?
तमिलनाडु में 2026में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में DMK और कांग्रेस का मजबूत गठबंधन पहले से मौजूद है।भाजपा को एक मज़बूत साझेदार की जरूरत थी। इसी वजह से AIADMK के साथ बातचीत चल रही थी। हाल ही में पलानीस्वामी ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी।
गठबंधन से भाजपा को क्या मिलेगा लाभ?
2021में भाजपा और AIADMK ने साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। भाजपा को 4सीटें मिली थीं।2024लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दल अलग हो गए। उस चुनाव में भाजपा और AIADMK को कोई भी सीट नहीं मिली। लेकिन वोट प्रतिशत में भाजपा को 11.24%और AIADMK को 20.46%वोट मिले थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार फिर से साथ आने से भाजपा को तमिलनाडु में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। अगर गठबंधन की सरकार बनती है, तो केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल संभव होगा।









