Saturday, May 23, 2026
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Pipa pul: दियारावासियों के दर्द से बेपरवाह जिम्मेदार, नहीं बन सका पीपा पुल, टुटी उम्मीद 

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Pipa pul: दियारावासियों के दर्द से बेपरवाह जिम्मेदार,नहीं बन सका पीपा पुल,टुटी उम्मीद

Pipa pul: (कम्प्यूटर जगत ) कुशीनगर जनपद के तहसील खड्डा अन्तर्गत जनवरी का महीना बीतने को है पर नारायणी नदी के भैसहा घाट पर पीपे का पुल लगाने का अभी तक न तो टेंडर हुआ और न ही इसके लगने की कोई उम्मीद नजर आ रही है।

जिससे नारायणी नदी पार कर करने वाले दियारा में रहने वाले ग्रामीणों को नाव का ही एकमात्र सहारा रह गया है। इसमें भी जब नाविक मनमाना किराया लें तो ग्रामीण इतना किराया कहां से लाएं?इन नावों पर लोगों की सुरक्षा का कोइ इंतेज़ाम नहीं है।

बताते चलें कि नारायणी नदी पार के गांवों को सुलभ आवागमन मुहैया कराने के उद्देश्य से पूर्व विधायक जटाशंकर त्रिपाठी की पहल पर भैसहा गांव के समीप पीपा का पुल (Pipa pul) लगवाया गया था। पिछले वर्ष यह पीपे का पुल काफी दिनों वाद लगा था।

लेकिन इस वर्ष अब तक पुल नहीं बनने से ग्रामीण पीपा पुल (Pipa pul) को महज दिखावा का जरिया बताने लगे हैं।

नारायणी नदी की बाढ़ की विभीषिका झेल रहे नदी पार के गांव मरिचहवा, शिवपुर, हरिहरपुर, बकुलादह, नारायणपुर, बसन्तपुर गांव को ब्लॉक मुख्यालय व जिला मुख्यालय से जुड़ने के लिए विधायक त्रिपाठी की पहल पर करोड़ों रुपए की लागत से पीपे का पुल मात्र 800 मीटर के दायरे में लगवाया गया।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था उद्धाटन 

इस पीपा पुल का उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। जिस इवेंट को भाजपा जोर शोर से प्रचारित कर खूब वाहवाही बटोरी थी।

लेकिन इस वर्ष बाढ़ खत्म होने के बाद भी भैसहा गांव के समीप पीपा का पुल अब तक नहीं लगने से लोग अनेकों तरह के सवाल उठाने लगे हैं।

कुछ का कहना है कि लगवाए गए पुल में जिम्मेदार लोगों ने काफी पैसा बनाया था। इस वर्ष उनका कमीशन तय ना होने के कारण पीपे का पुल अब तक नहीं लग सका है।

इस पीपा पुल को को लेकर नदी इस पार से उस पार जाने वाले लोगों तथा नदी उस पार के गांव के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

रेतावासियों को 60 किलोमीटर दुरी करना पङता हैं तय

नदी पार के गांव के लोग बिहार प्रदेश के नौरंगिया होकर खड्डा पहुंचते है। जिन की दूरी 60 किलोमीटर हो जाती है।

जबकि पीपे के पुल से पार होकर आने जाने पर यह दूरी 15 किलोमीटर ही बैठती है।

इस संबंध में नदी पार के ग्रामीण निजामुद्दीन अंसारी, इजहार, अंसारी, बेचू, बेचन, प्रमोद राय, काशी, शैलेश, सविंदर आदि ने पीपा पुल लगवाने की मांग की है।

 

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