उत्तराखंड के चंपावत जिले के DM मनीष कुमार ने CM हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा की। विभागों के अनुसार लंबित शिकायतों की जानकारी लेते हुए, DM ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर शिकायत को गंभीरता से लें और तय समय सीमा के भीतर अच्छी गुणवत्ता के साथ उनका समाधान सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान बताया गया कि CM हेल्पलाइन पर अभी अलग-अलग विभागों से जुड़ी कुल 92 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें L-1 स्तर पर 83 मामले और L-2 स्तर पर 9 मामले शामिल हैं।
लंबित शिकायतों में पुलिस विभाग के 17 मामले, राजस्व विभाग के 7, नगर पालिका के 6, उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, लघु सिंचाई विभाग और सिंचाई विभाग के 5-5 मामले, वन विभाग के 4, और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा उत्तराखंड पेयजल निगम के 3-3 मामले शामिल हैं, साथ ही अन्य विभागों की शिकायतें भी हैं। DM ने जिन विभागों में लंबित मामले ज़्यादा हैं, उन्हें इन शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि L-1 स्तर पर मिली शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से समाधान किया जाए ताकि उन्हें बिना वजह L-2 स्तर तक बढ़ने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को L-2 स्तर पर लंबित हर शिकायत की गंभीरता से व्यक्तिगत समीक्षा करनी चाहिए, मामले की असल स्थिति देखनी चाहिए और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को शिकायत समाधान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और शिकायत करने वालों से बातचीत करने का भी निर्देश दिया ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे दिए गए समाधान से संतुष्ट हैं। DM मनीष कुमार ने कहा कि CM हेल्पलाइन सरकार, प्रशासन और आम जनता के बीच बातचीत का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
इसका मकसद सिर्फ़ शिकायतों का औपचारिक निपटारा करना नहीं है, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, प्रभावी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर पर CM हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करें, लंबित मामलों की संख्या कम से कम रखें और संवेदनशीलता व जवाबदेही के साथ मिली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।


