HomeUTTAR PRADESHयमुना में 200 से ज़्यादा प्रजातियों की खोज, घड़ियाल-डॉल्फ़िन जैसे दुर्लभ जीवों...

यमुना में 200 से ज़्यादा प्रजातियों की खोज, घड़ियाल-डॉल्फ़िन जैसे दुर्लभ जीवों का बसेरा

यमुना और उसकी घाटी में एक अनमोल खज़ाना मिला है। यहाँ 200 से ज़्यादा प्रजातियों की पहचान की गई है, जिनमें से कुछ के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग इस खोज से उत्साहित है और इन प्रजातियों को बचाने की योजना बना रहा है. अभी एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी गई है। पिछले महीने, वन विभाग की एक टीम ने सुर सरोवर से पचनदा तक जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों और पक्षियों का सर्वे किया।

टीम को शानदार नतीजे मिले और कई ऐसी प्रजातियाँ मिलीं जिन पर अभी खतरा है। इन नतीजों में सात तरह के प्रवासी पक्षी, 65 तरह के स्थानीय पक्षी, 12 तरह की तितलियाँ, 48 तरह के पौधे, पाँच तरह के कछुए, तीन तरह की छिपकलियाँ और कई तरह के अन्य वन्यजीव और पेड़-पौधे शामिल थे। इटावा इलाके में घड़ियाल और डॉल्फ़िन की आबादी में भी बढ़ोतरी देखी गई। इन प्रजातियों की पूरी लिस्ट तैयार करके मंत्रालय को सौंप दी गई है।

अनमोल खज़ाना

पक्षी: रेड-नेप्ड आइबिस, ग्रे हेरॉन, इजिप्टियन वल्चर, इंडियन पॉन्ड हेरॉन, सारस क्रेन, ओरिएंटल डार्टर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, स्पॉट-बिल्ड डक।

तितलियाँ: व्हाइट ऑरेंज-टिप, लेमन पैन्सी, पीकॉक पैन्सी, डार्क ग्रास ब्लू, स्ट्राइप्ड टाइगर, प्लेन टाइगर, राइस स्विफ्ट।

साँप: इंडियन रॉक पायथन, चेक्ड कीलबैक।

छिपकली: बंगाल मॉनिटर।

स्तनधारी: स्पॉटेड डियर, नीलगाय, गोल्डन जैकल, जंगली सूअर, रीसस मकाक।

मछलियाँ: रोहू, तिलापिया, मांगुर, चितला, गूँच, गंगटा, इंडियन गंगटा, वालागो, सिंघाड़ा। वनस्पति: कॉकलबर, जंगली जूट, बरमूडा घास, सहजन, कॉर्नफ्लावर, गोल्डिलॉक्स एस्टर, अंधीझाड़ा और पोस्ता।

वाइल्डलाइफ सर्वाइवल अलायंस की CEO डॉ. अरुणिमा सिंह ने बताया कि आगरा, फिरोजाबाद और इटावा जिलों के 20 से ज़्यादा एक्सपर्ट्स की टीम ने इस सर्वे में हिस्सा लिया। उम्मीद से कहीं ज़्यादा पेड़-पौधे और जीव-जंतु पाए गए। इनके संरक्षण से न सिर्फ़ पर्यावरण बेहतर होगा, बल्कि इकोसिस्टम में भी सुधार आएगा।

DFO राजेश कुमार ने बताया कि एक्सपर्ट्स की टीम ने यमुना नदी और उसके किनारों पर कई तरह के पेड़-पौधों, जानवरों और पक्षियों की पहचान की है। इनकी एक लिस्ट तैयार की गई है और इनके संरक्षण के लिए कदम उठाए जाएंगे। मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है और इस काम के लिए अभी एक योजना बनाई जा रही है।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read