उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लड़ाई तेज़ हो गई है। अखिलेश यादव लगातार सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं और दूसरी तरफ से भी पलटवार हो रहे हैं। कुछ दिन पहले, अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी की तुलना ‘चवन्नी’ (25 पैसे का सिक्का) से करते हुए खुद को ‘रुपया’ बताया था।
अब, जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसी कई बातें हैं जो वे कह सकते हैं, लेकिन वे यहां उनके बारे में खुलकर बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि अगर वे उस समय की सारी बातें उजागर कर दें जब वे गठबंधन में थे, तो अखिलेश को खड़े होने की जगह भी नहीं मिलेगी।
जयंत चौधरी ने अखिलेश पर निशाना साधा
अखिलेश यादव का नाम लिए बिना, जयंत चौधरी ने कहा कि जिस हल्के-फुल्के अंदाज़ में वे बात करते हैं, वह गलत है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि चौधरी चरण सिंह का सम्मान जीती गई सीटों की संख्या से तय नहीं होता; बल्कि, वे लोगों के दिलों में बसते हैं। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) एक भी सीट न जीते, तब भी चौधरी चरण सिंह के प्रति सम्मान कम नहीं होगा।
चौधरी ने कहा कि राजनीति ठोस मुद्दों पर होनी चाहिए न कि ‘चवन्नी’ या ‘रुपये’ जैसी छोटी-मोटी बातों पर बल्कि विकास पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने अखिलेश पर सिर्फ़ ट्विटर के ज़रिए राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि वे कभी सड़कों पर नहीं उतरे या किसी आंदोलन का नेतृत्व नहीं किया, फिर भी विपक्ष की भूमिका निभाने का दावा करते हैं।
जयंत चौधरी ने यह भी कहा कि सहारनपुर से दिल्ली का सफ़र का समय काफ़ी कम हो गया है, जबकि पहले इसमें छह घंटे लगते थे। उन्होंने ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) पर भी अपने विचार रखे और कहा कि नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ियों की तरह नहीं सोचती और उन्हें जाति-आधारित राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने क्या कहा था
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के कदम पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था, “हमने एक ‘चवन्नी’ को रुपये में बदल दिया।”


