जलालपुर,अम्बेडकरनगर। नवरात्रि पर्व पर लगातार नगर में विभिन्न आयोजनों का क्रम जारी है। रामलीला लीला मैदान में श्री रामलीला सेवा समिति की रामलीला में कलाकारों ने सीता हरण, जटायु और रावण युद्ध, मारीच वध के प्रसंग का मंचन किया। प्रसंग के पहले दृश्य में खर व दूषण के वध के बाद अपमान से आहत बहन शूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंची। उसने रावण को खर व दूषण के वध की सूचना दी। उन्होंने कहा कि मेरी यह दशा वन में आए दो संन्यासियों ने की है। मैंने उनको आप का परिचय भी दिया था। कहा कि वे रावण को नहीं जानते। दूसरे दृश्य में रावण मामा मारीच के पास पहुंचता है। इसके बाद तीसरे व अंतिम व तीसरे दृश्य में मारीच सोने के हिरण का रूप लेकर माता जानकी की कुटिया के पास पहुंचता है। सीता के कहने पर श्रीराम उसको मारने के लिए पीछे चले जाते हैं। श्रीराम मारीच को मारते हैं, तभी मारीच राम-राम चिल्लाता है। यह सुनकर माता सीता लक्ष्मण को मदद के लिए भेजती हैं। लक्ष्मण रेखा खींचकर वह चले जाते है। इसी बीच रावण ब्राह्मण के रूप में भिक्षा मांगता है और सीता का हरण कर ले जाता है। जब दोनों भाई लौटकर कुटिया पर आते है तो उनको सीता नहीं मिलती है। तब वे सीता की खोज करने निकल जाते है। जटायु घायल अवस्था में मिलते हैं तो सीता हरण की जानकारी मिलती है। समिति अध्यक्ष संजीव मिश्र ने बताया कि संस्कारों को जीवंत रखने के लिए रामलीला के मंच एक बेहतर माध्यम है। हमारी संस्कृति को बचाने में रामलीला का अहम योगदान है। इस अवसर पर अतुल जायसवाल,भाजपा नगर महामंत्री कृष्ण गोपाल गुप्त,विकास निषाद,मोहन जायसवाल, संतोष सोनी, जन्मेजय मिश्र, राधेश्याम शुक्ल,शिशु कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
जलालपुर रामलीला कलाकारों के प्रदर्शन से श्रद्धालु भाव विभोर
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