अंबेडकरनगर। अभी कुछ समय पहले थानाध्यक्ष रह चुकी महिला थानाध्यक्ष प्रियंका पांडेय को बिगत कई महीनों पहले किसी कारण बस पुलिस अधीक्षक द्वारा ट्रांसफर कर मालीपुर थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहां पर उन्होंने लगभग एक वर्ष तक अपना कार्यभार संभाला और वहां से ट्रांसफर होने के बाद गहरी पैठ और जुगाड़ से फिर एक बार महिला थानाध्यक्ष प्रियंका पांडेय बन गई। अगर इनका बस चले तो यह महिला थाना कभी ना छोड़े। फिलहाल दो बार थानाध्यक्ष बनने से यह साबित हो गया कि इन पर उच्च अधिकारियों की कृपा बरस रही है। अब इसको थानाध्यक्ष की काबिलियत समझे या फिर उनकी 4 कोई लंबी पकड़ जो इस समय चर्चा का विषय भी बन चुका है। वहीं सूत्रों की माने तो ललिखा पढ़ी में ऐसा आदेश पुलिस विभाग के पास नहीं है कि एक ही दरोगा को दो से तीन बार एक ही थाने पर थानाध्यक्ष बनाया जाए और वह भी अगर ऐसा कुछ है तो जिले के पुलिस अधीक्षक की पूरी जिम्मेदारी बनती है। इस संबंध में जब एडिशनल एसपी से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि तैनाती की जिम्मेदारी हमारी नहीं है जो करते हैं इसको वह जाने। ऐसे में साफ स्पष्ट यही होता है कि थाना अध्यक्ष की तैनाती में संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की ही होती है। लेकिन चर्चा का विषय तो यह बना है कि महिला थानाध्यक्ष प्रियंका पांडेय को ही लगातार दूसरी बार क्यों महिला थाने की कमान सौंपी गई।









