जिला अस्पताल में मौज-मस्ती करने वाली नर्सों पर बरस रही सरकारी चिकित्सकों की कृपा
अम्बेडकरनगर। ज्योतिबा फूले संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रशिक्षण ले रही नर्सों की जहां दायित्व के प्रति लापरवाही चल रही है वहीं इनके द्वारा चिकित्सकों को नाजायज कमाई भी करवाया जा रहा है जिसकी चर्चा जनमानस में जोरों पर है। ज्ञात हो कि जिले के सरकारी एवं प्राईवेट फार्मेसी कालेजों से जिन छात्रों द्वारा डी-फार्मा,बी-फार्मा,एएनएम,जेएनएम आदि कोर्स के अन्तिम साल की डिग्री हासिल कर लिया है उन्हें प्रशिक्षण लेने का प्राविधान है। इसी के क्रम में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में निर्धारित सीट के अनुरूप आवंटित किया गया है। जिला अस्पताल में भी दर्जनों की संख्या में नर्सें प्रशिक्षण ले रही है किन्तु उनके द्वारा सहीं ढंग से दायित्व का निर्वहन नहीं किया जा रहा है जिसके लिए सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरें इसकी नजीर हैं। फोटों में नर्सें बैठकर मौज,मस्ती कर रही हैं वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों की देख-रेख करने वाला कोई नहीं है। इसे लेकर सूत्रों का कहना है कि जो नर्सें प्रशिक्षण ले रह है उन पर अस्पताल में तैनात चिकित्सकों जिनके प्राइवेट हॉस्पिटल हैं का संरक्षण है। लोगों का कहना है कि इसके पीछे इन चिकित्सकों के लिए नर्सें अवैध कमाई का जरिया बनी हैं। मरीज व तीमारदारों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज न होने का हवाला देते हुए उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटलों में भेजने की सलाह देना आमबात हो गयी है। लोगों का कहना है कि इसमें एक तरफ जहां प्राईवेट हॉस्पिटल में चिकित्सक मुह मांगी फीस व दवाओं में कमीशन ले रहे हैं वहीं इन नर्सों को इसके एवज में चिकित्सकों से कुछ लाभ भी मिल जा रहा है।









