उत्तरकाशी।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उत्तरकाशी नगर में कथित अवैध मांस बिक्री पर तत्काल रोक लगाने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि उत्तरकाशी भगवान शिव और मां गंगा की पावन नगरी है तथा यहां की धार्मिक मर्यादा और जनभावनाओं के अनुरूप प्रशासन को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तरकाशी देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। पूर्व में जनभावनाओं और विरोध को देखते हुए नगर क्षेत्र में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से मांस की बिक्री की जा रही है। संगठन का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री कीर्ति सिंह महर ने कहा कि उत्तरकाशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अवैध रूप से मांस की बिक्री हो रही है तो यह कानून और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों का उल्लंघन है। प्रशासन को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि धार्मिक मर्यादा और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
बजरंग दल के जिला संयोजक सचेन्द्र परमार ने कहा कि संगठन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जनभावनाओं और धार्मिक आस्था की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनभावनाओं को देखते हुए संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि नगर क्षेत्र में अवैध मांस बिक्री में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उत्तरकाशी नगर को पूर्ण रूप से अवैध मांस बिक्री से मुक्त किया जाए। संगठन ने कहा कि यदि इस विषय पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसके लिए अवैध रूप से मांस बिक्री करने वाले लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री कीर्ति सिंह महर, बजरंग दल के जिला संयोजक सचेन्द्र परमार, मुनींद्र सिंह रावत, महिपाल पंवार, कुलवीर राणा, मुनेंद्र सिंह रावत, कमलेश्वरी भंडारी, उमेद सिंह, कुनाल सहदेव, शंभु खंडूरी, संतोष चमोली, अमर कृष्णा शास्त्री, अभिषेक नेगी, मान सिंह, संतोष चमोली, तथा राजपाल पंवार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









