उत्तरकाशी। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) उत्तरकाशी द्वारा आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के विभिन्न तहसीलों एवं थाना परिसरों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को तहसील डुण्डा एवं थाना कोतवाली धरासू के साथ ही थाना पुरोला एवं तहसील पुरोला में आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर एवं क्यूआरटी टीम द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 73 कार्मिकों को आपदा की स्थिति में खोज एवं बचाव कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस दौरान उपलब्ध खोज-बचाव उपकरणों एवं सामग्रियों की कार्यशीलता, संचालन और आवश्यक रख-रखाव के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। मास्टर ट्रेनरों ने कार्मिकों को आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं राहत कार्यों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए उपकरणों के सही उपयोग का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम के दौरान नायब तहसीलदार एस.एस. नाथ डुण्डा, एसएचओ कोतवाली धरासू मनोज असवाल, थाना पुरोला एसएचओ दीपक कठैत तथा तहसीलदार पुरोला कमल सिंह राठौर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षित एवं सजग रहना बेहद आवश्यक है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मास्टर ट्रेनर मस्तान भंडारी ने बताया कि मानसून से पूर्व जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आपदा की स्थिति में जनहानि एवं नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।









