HomeUTTARAKHANDदेव संस्कृति विश्वविद्यालय में योग विज्ञान पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में योग विज्ञान पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

हरिद्वार।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जहां योग विज्ञान के क्षेत्र में शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा देने पर गंभीर मंथन किया गया। “योग विज्ञान शोधकर्ताओं की उत्कृष्टता के लिए नवोन्मेषी रुझान और विचार” विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योग को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य योग विज्ञान में अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ाना और उसे समकालीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना रहा। विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को नवीन शोध पद्धतियों, प्रमाण आधारित अध्ययन और स्वास्थ्य सेवाओं में योग की उपयोगिता पर गहन जानकारी दी गई। व्याख्यानों के साथ आयोजित संवादात्मक सत्र और समूह चर्चाओं ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया, जिससे शोध के नए आयामों को समझने में मदद मिली।

समापन सत्र में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आज के दौर में योग विज्ञान केवल परंपरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि संतुलित जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में योग की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में शोधार्थियों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए ताकि योग को और अधिक प्रमाणिकता के साथ विश्व स्तर पर स्थापित किया जा सके।

कार्यशाला में आयुष विभाग और एम्स ऋषिकेश से जुड़े विशेषज्ञों सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने अपने विचार साझा करते हुए योग आधारित शोध के आधुनिक आयामों पर प्रकाश डाला। मोनिका पठानिया, श्वेता मिश्रा, विजय सिंह और स्वाति कुमारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में योग की बढ़ती उपयोगिता, तकनीकी समन्वय और शोध की नई संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग को केवल अभ्यास तक सीमित न रखते हुए उसे वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से प्रमाणित करना समय की आवश्यकता है।

दो दिवसीय इस कार्यशाला में प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता और सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट किया कि योग विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार और शोध को लेकर युवाओं में उत्साह बढ़ रहा है। समापन के साथ ही आयोजकों ने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे योग विज्ञान को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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