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फूलदेई पर्व पर गुरुकुलम के बाल सेवकों ने घर-घर पहुंचाई परंपरा की खुशबू

उत्तरकाशी।
माँ भगवती के पावन नवरात्रि और लोकपर्व फूलदेई के शुभ अवसर पर उत्तरकाशी में सांस्कृतिक परंपराओं और प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के बाल सेवक पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण के आवास पहुँचे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देहरियों में फ्योंली व अन्य स्थानीय पुष्प अर्पित कर शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान पूरे वातावरण में लोकसंस्कृति की सुगंध और बसंत के स्वागत का उल्लास स्पष्ट रूप से झलकता रहा।

बाल सेवकों के आगमन पर पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें स्नेह भेंट प्रदान की और बसंत ऋतु के आगमन पर युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि फूलदेई जैसे लोकपर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक हैं, जो समाज को अपनी जड़ों, प्रकृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिकता की दौड़ में ऐसे लोकपर्वों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी संस्कृति से जुड़ी रहें।

उन्होंने इस पहल के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समिति और गुरुकुलम के बाल सेवकों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास न केवल लोक परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का भी सशक्त अभियान है। आगे उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले पारंपरिक पुष्पों का संरक्षण आज के समय की बड़ी आवश्यकता है, जिसमें इस प्रकार के कार्यक्रम अहम भूमिका निभा रहे हैं।

महंत अजय पुरी के सानिध्य में संचालित यह अभियान भूली-बिसरी लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ समाज में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित कर रहा है। फूलदेई संक्रांति से शुरू होकर आठ दिनों तक चलने वाले इस पारंपरिक आयोजन में गुरुकुलम के बाल सेवक प्रतिदिन मंदिर परिसर और घरों की देहरियों में पुष्प अर्पित कर लोकपर्व को जीवंत बनाए रखते हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त संदेश भी मिलता है।

इस पुनीत पहल के माध्यम से हिमालयी पुष्पों, विशेषकर फ्योंली और बुरांश, के संरक्षण और संवर्धन को भी बढ़ावा मिल रहा है। यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का भी एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

कार्यक्रम के अंत में पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ और माँ भगवती से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को फूलदेई और नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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