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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आया बयान, बोले- सेना के रिटायर्ड अधिकारी लिख सकते हैं किताब


Govt New Guidelines For Books: पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया है कि सेना के अधिकारी रिटायरमेंट के बाद किताब लिखने पर पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। उन्होंने उन खबरों को गलत बताया, जिसमें कहा जा रहा था कि रिटायर्ड अधिकारियों को किताब लिखने के लिए 20 साल का कूलिंग ऑफ पीरियड रखना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही कैबिनेट में इस पर कोई चर्चा हुई है।


रिटायर्ड अधिकारियों के लिए नियम- रक्षा मंत्री


हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि सेना के अधिकारी एक जिम्मेदार पद पर होते हैं और अमूमन किताब नहीं लिखते। रिटायर्ड अधिकारियों के लिए अभी भी नियम हैं, जिनके तहत वे संवेदनशील और सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते। सूत्रों के अनुसार, सरकार रिटायर्ड अधिकारियों के किताब लिखने और प्रकाशित करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर सकती है। रक्षा मंत्रालय नए नियम पर काम कर रहा है, जिसमें सेवा में और रिटायर दोनों प्रकार के अधिकारियों को किताब लिखने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगी। इस नियम में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किताब लिखने या प्रकाशित करने से पहले क्या प्रक्रिया अपनानी होगी और किससे अनुमति लेनी होगी।


इनके खिलाफ होगी कार्रवाई


नए नियम में यह भी कहा जाएगा कि यदि कोई अधिकारी बिना अनुमति किताब प्रकाशित करता है, तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा हमेशा सर्वोपरि रहेगी। रिटायरमेंट के बाद भी आधिकारिक सीक्रेट्स एक्ट लागू रहेगा। इसका मतलब है कि कोई भी अधिकारी संवेदनशील जानकारी या ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करता है तो इसे अपराध माना जाएगा।


किताब लिखने पर कोई रोक नहीं


सेना के सूत्रों के अनुसार, सरकारी कर्मचारी, जिसमें सेना के अधिकारी भी शामिल हैं, सभी पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट लागू होता है। किसी भी गोपनीय जानकारी, हथियारों की क्षमता, खुफिया जानकारी या राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश संबंधों को प्रभावित करने वाली जानकारी को प्रकाशित करना सख्त मना है। यहां तक कि काल्पनिक कहानियों में भी यदि असली सैन्य जानकारी शामिल हो, तो उन्हें प्रकाशित नहीं किया जा सकता। सेना का मानना है कि नई गाइडलाइंस केवल किताब लिखने की प्रक्रिया को स्पष्ट करेंगी, लेकिन रिटायर्ड अधिकारियों को सीधे तौर पर किताब लिखने से नहीं रोका जाएगा।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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