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लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे तैयार, 45 मिनट में सफर होगा पूरा

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Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ और कानपुर के बीच निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है। अप्रैल के पहले हफ्ते से इस पर आम लोगों के लिए गाड़ियां दौड़ने लगेंगी। फिलहाल निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। स्कूटर इंडिया के पास एलिवेटेड रोड का केवल थोड़ा सा हिस्सा बचा है, जहां तेजी से काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार जैसे ही यह काम पूरा होगा, एक्सप्रेसवे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।


समय की होगी बचत


एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। अभी दोनों शहरों के बीच यात्रा में करीब तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह दूरी केवल 45 से 60 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।


ये पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड 6 लेन एक्सप्रेसवे है, जिसे एनई-6 नाम दिया गया है। भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर 63 अत्याधुनिक पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) कैमरे लगाए गए हैं, जो सड़क पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।


18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड


यह एक्सप्रेसवे लखनऊ में शहीद पथ को कानपुर के पास आजाद मार्ग से जोड़ेगा। इसमें करीब 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड और 45 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड हिस्सा शामिल है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल और परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने हाल ही में एक्सप्रेसवे और कानपुर में बन रहे आउटर रिंग रोड का निरीक्षण किया।


यात्रा होगी सुरक्षित


अधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का सीधा असर अर्थव्यवस्था और समाज पर पड़ेगा। कानपुर आउटर रिंग रोड बनने से शहर की भीड़ कम होगी और ट्रैफिक की रफ्तार तीन गुना तक बढ़ेगी। साथ ही लखनऊ–उन्नाव–कानपुर बेल्ट में नए निवेश के अवसर भी खुलेंगे। 6 लेन होने की वजह से यात्रा पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगी।


बनाए गए पांच टोल प्लाजा


एक्सप्रेसवे पर कुल पांच टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जहां से वाहन प्रवेश और निकास कर सकेंगे। ये टोल प्लाजा पूरी तरह ऑटोमैटिक होंगे, यानी टोल कटने के लिए किसी कर्मचारी की जरूरत नहीं होगी। कैमरों के जरिए टोल शुल्क अपने आप काट लिया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे पर 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और कई फ्लाईओवर बनाए गए हैं। कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ दूरी घटाएगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति देगा।

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