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दिल्ली में आधार सेवाओं का विस्तार, 8 नए केंद्र मंजूर; 5 केंद्र शुरू

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Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को आजादपुर मेट्रो स्टेशन परिसर में आधार सेवा केंद्र का शुभारंभ किया। इस केंद्र के शुरू होने से आसपास के लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं अब अपने घर के पास ही मिल सकेंगी। यहां आधार अपडेट, बायोमेट्रिक सुधार, पता बदलवाना, बच्चों का आधार पंजीकरण और अन्य जरूरी काम आसानी से हो सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में आठ नए आधार सेवा केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से पांच केंद्रों का उद्घाटन आज एक साथ किया गया। इससे राजधानी में आधार सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। उन्होंने लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है, जिससे सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर मॉडल टाउन के विधायक श्री अशोक गोयल देवराहा, यूआईडीएआई के सीईओ श्री भुवनेश कुमार, स्थानीय पार्षद और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


आधार सुशासन की मजबूत नींव


मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आधार आज गरीबों के सम्मान, अधिकारों की सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की ठोस व्यवस्था बन चुका है। यह प्रणाली सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने की विश्वसनीय और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करती है। उन्होंने बताया कि देश में 143 करोड़ से अधिक नागरिक आधार से जुड़े हैं, जबकि दिल्ली में लगभग 2.5 करोड़ से अधिक लोगों का आधार पंजीकरण हो चुका है। आधार ने देश के नागरिकों को न केवल एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान दी है, बल्कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की पारदर्शी और भरोसेमंद गारंटी भी सुनिश्चित की है।


फर्जी लाभार्थियों पर लगा अंकुश


मुख्यमंत्री ने कहा कि आधार की बायोमेट्रिक और आईरिस वेरिफिकेशन व्यवस्था ने फर्जी दस्तावेजों, अवैध पहचान और डुप्लीकेट लाभार्थियों पर प्रभावी रोक लगाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस प्रणाली के जरिए देशभर में 4 करोड़ से अधिक फर्जी एलपीजी कनेक्शन समाप्त किए गए, 5 करोड़ से अधिक डुप्लीकेट राशन कार्ड हटाए गए, 11 लाख से अधिक अपात्र ग्रामीण लाभार्थियों को सूची से बाहर किया गया, 31 लाख से अधिक अवैध रूप से लाभ ले रहे अल्पसंख्यक लाभार्थियों को हटाया गया, 12 लाख से अधिक डुप्लीकेट सामाजिक लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से निकाला गया तथा 1 करोड़ से अधिक फर्जी महिला एवं बाल विकास लाभार्थियों को सूची से हटाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों से सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, योजनाओं की विश्वसनीयता बढ़ी है और देश की आर्थिक प्रणाली में पारदर्शिता को नई मजबूती मिली है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार अब सरकारी स्कूलों में ही बच्चों के आधार पंजीकरण और बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इसके तहत अब तक लगभग दो लाख बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं में बच्चों को समय पर लाभ सुनिश्चित होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रशासनिक सुधारों के तहत ई-ऑफिस, ई-फाइलिंग और पेपरलेस गवर्नेंस को तेजी से लागू कर रही है। आज मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर विधानसभा तक डिजिटल फाइल सिस्टम के माध्यम से कार्य संचालित हो रहा है, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक तक डिजिटल सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन का लाभ अंतिम पंक्ति तक खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुंचे।

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