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माघ मेले में बढ़ा विवाद…शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने किया स्नान से इनकार, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

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Mauni Amavasya 2026: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपनी पालकी बीच रास्ते से ही वापस अखाड़े में ले गए। इस घटना के बाद माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


किस बात पर हुआ हंगामा? 


बताया जा रहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जब अखाड़े से पालकी में बैठकर संगम नोज की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में उनके शिष्यों और प्रशासन के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता के साथ मौजूद अधिकारियों और शंकराचार्य के शिष्यों के बीच धक्का मुक्की हुई। मामला बढ़ने पर तनाव की स्थिति बन गई और इसी के बाद शंकराचार्य ने स्नान करने से ही मना कर दिया।


करोड़ों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे


शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरे शिष्यों के साथ मारपीट हो रही है। अधिकारी मारने का इशारा कर रहे हैं, ऐसे माहौल में मैं स्नान नहीं करूंगा। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं, मौनी अमावस्या के मौके पर संगम नगरी प्रयागराज में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद से ही लाखों श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंचने लगे। प्रशासन के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या पर तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम


भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। संगम नोज से लेकर पूरे माघ मेला क्षेत्र में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं। पुलिसकर्मी सीटी बजाकर श्रद्धालुओं को नियंत्रित कर रहे हैं और स्नान के बाद लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि एक ही जगह पर भीड़ जमा न हो। सुरक्षा के लिहाज से स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और गोताखोरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स, बम निरोधक दस्ता, यूपी एटीएस कमांडो और खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं।


सीसीटीवी और ड्रोन ने हो रही निगरानी


पुलिस कमिश्नर के अनुसार, पूरे माघ मेले की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से की जा रही है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की सघन जांच की जा रही है। मौनी अमावस्या पर जहां एक ओर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। वहीं, शंकराचार्य के स्नान से इनकार की घटना ने माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 

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