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चुनाव को लेकर आया रुझान, महायुति की जीत का अनुमान

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BMC Elections 2026: महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत 29 नगर निगमों के लिए गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से शाम 5:30 बजे तक संपन्न हो गया। राज्य भर में कुल 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए वोट डाले गए, जिन पर 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। इनमें मुंबई में करीब 1,700 और पुणे में 1,166 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 


कितने प्रतिशत हुआ मतदान? 


राज्य में इस चुनाव के लिए लगभग 3.48 करोड़ मतदाता पात्र थे। मुंबई के अलावा पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, ठाणे, नागपुर, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, कोल्हापुर, सोलापुर, अमरावती और परभणी सहित कई नगर निगमों में मतदान हुआ। कुल मिलाकर राज्य में मतदान प्रतिशत करीब 50 फीसदी रहा। बीएमसी क्षेत्र में दोपहर 3:30 बजे तक करीब 41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।


महायुति की आसान जीत


मतदान खत्म होने के बाद अलग-अलग एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी करने शुरू कर दिए हैं। इन एग्जिट पोल्स में महायुति की आसान जीत का अनुमान जताया गया है। हालांकि, एग्जिट पोल की सटीकता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। वास्तविक नतीजे तो मतगणना के बाद ही सामने आएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निगम चुनावों के नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे और शुक्रवार सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।


क्यों अहम है ये चुनाव?


मुंबई में ये चुनाव काफी अहम माना जा रहा है, जहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। एक तरफ भाजपा-शिवसेना गठबंधन है, दूसरी ओर शिवसेना (UBT)-मनसे गठबंधन और तीसरी ओर कांग्रेस-वीबीए का गठजोड़ है। बता दें कि अविभाजित शिवसेना ने देश की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी पर लगातार 26 सालों तक शासन किया था। पिछला बीएमसी चुनाव साल 2017 में हुआ था, जिसमें तब एकजुट शिवसेना और भाजपा मुख्य प्रतिद्वंद्वी थे।


चुनावों को लेकर लगे गंभीर आरोप


इस बीच AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था और बदइंतजामी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। पठान ने कहा कि उन्होंने खुद मुंबई के कई मतदान केंद्रों का दौरा किया, जहां मतदाता सूची में नाम गायब थे। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं, बुजुर्गों और पहली बार वोट डालने आए युवाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों को वापस लौटा दिया गया।

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