HomeUTTAR PRADESHSC ने दिल्ली की बिगड़ती हवा को बताया बहुत खराब, CJI बोले

SC ने दिल्ली की बिगड़ती हवा को बताया बहुत खराब, CJI बोले


CJI Statement on Delhi Air Pollution:दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जहां शहर का औसत AQI 490 पार  हो पहुंच गया, जो ‘सीवियर प्लस’ कैटेगरी में आता है। इस बीच, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने प्रदूषण की स्थिति को ‘बहुत खराब’ बताते हुए वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में हाइब्रिड मोड में पेश होने की सलाह दी है। यह फैसला स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए लिया गया है, क्योंकि घनी धुंध और जहरीली हवा ने राजधानी को ‘गैस चैंबर’ जैसा बना दिया है। 


दिल्ली की विजिबिलिटी शून्य


बता दें, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में स्मॉग (स्मोक + फॉग) की मोटी परत छाई हुई है। 14दिसंबर को पालम एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी मात्र 350 मीटर तक गिर गई थी, जो बाद में थोड़ी सुधरकर 400 मीटर हुई। इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में AQI 483रिकॉर्ड किया गया, जबकि आनंद विहार जैसे इलाकों में यह 500से ऊपर पहुंच गया। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग साइट्स के अनुसार, शहर का औसत AQI 450 से 654 के बीच घूम रहा है, जो ‘हेजार्डस’ यानी बेहद खतरनाक स्तर पर है। नोएडा से लेकर रोहतक तक घनी धुंध ने ट्रैफिक को प्रभावित किया है।


खुद महसूस की सांस की तकलीफ – CJI सूर्यकांत


इसी बीच, CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि प्रदूषण की वजह से दिल्ली की हालात बहुत खराब हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में सैर के दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई, जिससे उन्हें प्रदूषण का अहसास हुआ। इसलिए CJI ने वकीलों और पक्षकारों से अपील की है कि वे हाइब्रिड सुनवाई का विकल्प चुनें, ताकि स्वास्थ्य पर असर कम हो। इससे पहले नवंबर में भी CJI ने प्रदूषण पर चिंता जताई थी, जब उन्होंने खेल आयोजनों को इनडोर शिफ्ट करने की सलाह दी थी।


सुप्रीम कोर्ट का फैसला


सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक रूप से वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल होने की सलाह दी है। यह फैसला प्रदूषण के कारण लिया गया है, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। CJI ने कहा कि मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए यह विकल्प उपलब्ध है और बार काउंसिल से सहयोग मांगा है। इससे पहले कोर्ट ने NCR में खेल गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, क्योंकि नवंबर-दिसंबर में प्रदूषण चरम पर होता है। यह कदम कोविड काल की हाइब्रिड व्यवस्था की याद दिलाता है, जो अब प्रदूषण जैसे संकटों में उपयोगी साबित हो रही है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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