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गोली नहीं फेफड़ा फटने और पसलियां टूटने से हुई दुलारचंद यादव की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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Dularchand Yadav Postmortem Report: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मोकामा में हुई दुलारचंद यादव की मौत ने पूरे राज्य में तूफान मचा दिया है। जन सुराज पार्टी के समर्थक और पूर्व राजद नेता दुलारचंद यादव की मौत को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि फेफड़े के फटने और सीने की पसलियों के टूटने से हुई।


क्या है पूरा मामला?


बता दें, 30अक्टूबर को पटना जिले के मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतर गांव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव पर हमला हुआ। 76वर्षीय दुलारचंद, जो एक समय लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते थे और गैंगस्टर से राजनीतिक व्यक्ति बने थे, टाल इलाके में पहुंचे थे। वहां जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के समर्थकों के साथ झड़प हो गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, विवाद के दौरान गोलीबारी और पथराव भी हुआ, जिसमें दुलारचंद को चोटें आईं और गोली भी लगी।


गोली लगने से नहीं हुई मौत


घटना के तुरंत बाद दावा किया गया कि दुलारचंद को गोली मारकर हत्या की गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। अनुमंडलीय अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम डॉ. अजय कुमार, डॉ. रोहन और डॉ. दिलीप ने शव का परीक्षण किया। डॉ. अजय ने बताया कि पोस्टमार्टम से पहले एक्स-रे कराया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि बाएं पैर के टखने के पास गोली लगी थी, जो आर-पार हो गई। लेकिन यह चोट घातक नहीं थी। असली कारण था सीने पर लगी आंतरिक चोट, जो फेफड़े को फाड़ने और पसलियों को तोड़ने के लिए जिम्मेदार बनी।


रिपोर्ट के अनुसार, मौत का मुख्य कारण “कार्डियक अरेस्ट” था, जो पीछे से किसी भारी वस्तु या धक्के से गिरने की वजह से था। इसके अलावा शरीर पर कई छिलने और मारपीट के निशान भी मिले, जो हिंसक झड़प की ओर इशारा करते हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हमले में इस्तेमाल पत्थर स्थानीय टाल इलाके के नहीं थे।


चुनाव आयोग का हस्तक्षेप


इस घटना ने मोकामा को हिंसा की चपेट में ले लिया। दुलारचंद की मौत के बाद उनके समर्थकों और अनंत सिंह के गुट के बीच झड़पें हुईं। शव यात्रा के दौरान पथराव हुआ, जिससे पोस्टमार्टम में देरी हुई। भारी सुरक्षा के बीच शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। जन सुराज के पीयूष प्रियदर्शी ने फेसबुक पर वीडियो जारी कर अनंत सिंह पर साजिश का आरोप लगाया, जबकि आरजेडी उम्मीदवार वीणा देवी ने परिवार से मुलाकात कर न्यायिक जांच की मांग की।


चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। ECI ने डीजीपी और जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पटना ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि अब तक तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं एक हमले के लिए, एक शव यात्रा पर पथराव के लिए और तीसरी हिंसा के लिए। दो लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अभी फरार हैं। एसपी ने कहा ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच तेज हो चुकी है। सभी संभावनाओं पर नजर है।’

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