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पायलट के अलावा कितने लोग लैंडिंग गियर में हो सकते हैं सवार, विमान में शख्स की हरकत से सुरक्षा पर उठे सवाल


Landing Gear Stowaway: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक 13 वर्षीय अफगान लड़का काबुल से दिल्ली आने वाली फ्लाइट के लैंडिंग गियर में छुपा हुआ उतरा। यह लड़का कंधार प्रांत के कुंदुज का निवासी है, जो लैंडिंग गियर के सहारे काबुल से दिल्ली पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, बच्चे ने दो घंटे की उड़ान में 36,000 फीट की ऊंचाई पर ठंड, ऑक्सीजन की कमी और तेज हवा का सामना किया, लेकिन इसके बावजूद भी वह जिंदा बच निकला।


हैरानी की बात यह है कि जब बच्चे से पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया, तो इसके जवाब में उसने बताया कि उसने यह जोखिम भरा कदम “जिज्ञासा” के चलते उठाया था। यह घटना विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या लैंडिंग गियर में वाकई इतनी जगह होती है कि कोई व्यक्ति छुप सके?


लैंडिंग गियर की संरचना और छुपने की संभावना


विमान का लैंडिंग गियर को व्हील वेल या अंडरकैरिज भी कहा जाता है। जिसे उड़ान के दौरान पहियों को समेटने के लिए डिजाइन किया जाता है। यह एक बंद कम्पार्टमेंट होता है, लेकिन इसमें कुछ जगह होती है जहां एक छोटा व्यक्ति, सिकुड़कर फिट हो सकता है। हालांकि, यह जगह अत्यंत संकरी होती है और उड़ान के दौरान पहिए खुलने-बंद होने से खतरा बढ़ जाता है।


विशेषज्ञों के अनुसार, 77% से अधिक स्टोवे (छुपकर यात्रा करने वाले) इस तरह की कोशिश में मर जाते हैं, क्योंकि ऊंचाई पर तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है, ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और दबाव में बदलाव से फेफड़े फट सकते हैं। फिर भी, दुर्लभ मामलों में जीवित बच निकलना संभव होता है, जैसा कि हाल की दिल्ली घटना में देखा गया।


हवाई  सिक्योरिटी पर बड़ा सवाल


हवाई अड्डों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्त हैं। सीआईएसएफ जैसी एजेंसियां विमानों की जांच करती हैं, लेकिन लैंडिंग गियर जैसे छिपे हिस्सों की स्कैनिंग चुनौतीपूर्ण है। स्टोवे अक्सर रैंप एरिया में चढ़ जाते हैं, जहां कैमरे और गश्त कम होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई-आधारित स्कैनर और ड्रोन इंस्पेक्शन से इसे रोका जा सकता है। ये घटनाएं विमानन सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं, खासकर जब स्टोवे हथियार या अन्य सामान ले जा सकते हैं। भारत में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ऐसी घटनाओं पर कड़े निर्देश जारी किए हैं, लेकिन प्रवासन दबाव के कारण चुनौतियां बनी रहेंगी।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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