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‘बाढ़ प्रभावित पंजाब और हिमाचल के साथ खड़ी है केंद्र सरकार’, PM मोदी आज लेंगे स्थिति का जायजा


PM Modi On Punjab-Himachal Flood: भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार इस विपदा की घड़ी में प्रभावित लोगों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। दरअसल, बाढ़ प्रभावित इलाको को जायजा के लिए पीएम मोदी हिमाचल प्रदेश और पंजाब जा रहे है। लेकिन दिल्ली से रवाना होते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा ‘हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लिए बाढ़ व भूस्खलन की स्थिति की समीक्षा करने जा रहा हूं। भारत सरकार इस दुखद घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।


पंजाब और हिमाचल प्रदेश का हवाई सर्वेक्षण करेंगे PM मोदी


पीएम मोदी का यह दौरा राहत कार्यों को गति देने और जमीनी हकीकत समझने के उद्देश्य से है। दोपहर 1:30 बजे कांगड़ा पहुंचने के बाद वे हिमाचल में प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक होगी, जहां वे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा आपदा मित्र टीमों के सदस्यों से बातचीत करेंगे।


हिमाचल दौरे के बाद करीब 3 बजे वे पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। पंजाब बीजेपी प्रमुख सुनील जाखड़ ने बताया कि पीएम पहले से ही स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और अधिकतम सहायता सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से आकलन करेंगे।


पंजाब और हिमाचल प्रदेश की स्थिति गंभीर


मालूम हो कि पंजाब में सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं, जो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण हुई हैं। राज्य के 12 जिलों में बाढ़ ने कहर बरपाया है, जिसमें गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1.76 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। सेना और NDRF की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं, जहां नावों से लोगों को बचाया जा रहा है।


तो वहीं, हिमाचल प्रदेश में स्थिति और भी गंभीर है। मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जैसे जिलों में बादल फटने और भूस्खलन से सड़कें, पुल और घर तबाह हो गए। राज्य सरकार के अनुसार, कोई भी जिला अछूता नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य को पूरी तरह से उबरने में वर्षों लगेंगे। बता दें, प्रदेश में 95 फ्लैश फ्लड, 45 बादल फटने की घटनाएं और 132 बड़े भूस्खलन दर्ज किए गए हैं। यानी कुल मिलाकर, राज्य में जून 20 से सितंबर 08 तक के नुकसान का अनुमान 4,122 करोड़ रुपये से ज्यादा है।   

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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