दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार 25 अगस्त को एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को 1978 के बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) के सभी छात्रों के रिकॉर्ड, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री भी शामिल थी, को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था।









