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हिमाचल प्रदेश में बाढ़-भूस्खलन का तांडव, 400 सड़कों पर आवाजाही बंद; आपदा की चेतावनी

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Himachal Pradesh Floods: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण राज्य में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य में 400 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।


हिमाचल में बारिश और भूस्खलन का कहर


मालूम हो कि हिमाचल प्रदेश में 20 जून से शुरू हुए मॉनसून ने इस साल भारी तबाही मचाई है। मंडी, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा और सिरमौर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। शिमला-मंडी मार्ग पर सतलुज नदी के कटाव और भूस्खलन के कारण सड़क की चौड़ाई मात्र 1.5 मीटर रह गई है, जिससे यह वाहनों के लिए असुरक्षित हो गया है। इसके अलावा कुल्लू जिले में ऑट-लारगी-सैंज मार्ग पर पागल नाला के पास हुए भूस्खलन ने लगभग 15 गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से काट दिया है।


मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल के धौलाकुआं में 113 मिमी, जोट में 70.8 मिमी, पालमपुर में 58.7 मिमी और धर्मशाला में 24.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ तूफानी हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गई है। मंडी जिले में सबसे अधिक 192 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू में 86 सड़कों पर यातायात ठप है।


नुकसान और राहत कार्य


राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, इस मॉनसून सीजन में अब तक 136 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 37 लोग लापता हैं। बारिश से संबंधित घटनाओं में 74 बाढ़, 36 बादल फटने की घटनाएं और 66 बड़े भूस्खलन दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना और स्थानीय पुलिस प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं।


प्रभावित इलाकों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो हिमाचल को अब तक 2,173 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसमें सड़कों, बिजली ट्रांसफार्मरों और जलापूर्ति योजनाओं को भारी क्षति शामिल है। तो वहीं, राज्य के सीएम सुखविंदर सिंह सुखु ने केंद्र सरकार से राहत और पुनर्वास के लिए सहायता मांगी है। केंद्र ने हाल ही में आपदा राहत के लिए 1,400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

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