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‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा

 मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से कैंब्रियन हॉल स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है। स्कूल ने मनमाने तरीके से 10 प्रतिशत फीस वृद्वि को 05 प्रतिशत कम कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कडा एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।

‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा, दसियों व्यथित अभिभावक झंुड ने जब लगाई डीएम से गुहार, बस तभी से कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया  है। अब निजी नामी कैब्रियन स्कूल पर प्रशासन ने शिंकजा कस दिया है। मा0 सीएम की डीएम को सख्त हिदायत है कि शिक्षा का मंदिर नहीं बनेगा व्यवसाय का अड्डा, जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों के पेंच कस दिए है। तमीज, आग्रह, उदबोधन से नही आए बाज; तो जनहित लागू करवाना प्रशासन जानता है। मई में स्कूलों को जारी आदेश की अवहेलना, शिकायत पर डीएम का सख्त प्रवर्तन एक्शन, स्कूल से ही 5 प्रतिशत् पर खिंचवाई फीस की लकीर। जिले के नामी गिरामी स्कूल को करनी पड़ी फीस कम, अभिभावकों से अब तक वसूली गई अधिक फीस अब आगे घटाते हुए समायोजित करेगें दी लिखित अण्डरटेकिंग दी है। मा0 सीएम के निर्देश, शिकायत पर जिला प्रशासन ने विगत मई में ही कई निजी स्कूलों की कुंडली खंगाली है। जिला प्रशासन का एक्शन, स्कूल को जारी करनी पड़ा कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस का पत्र। स्कूल पर जिला प्रशासन का सख्त प्रवर्तन एक्शन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिल गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सबका अधिकार, अभिभावकों और बच्चों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिली तो मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।

दरअसल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में मोनिका राणा एवं अन्य अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की थी कि जिला प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद भी कैम्ब्रियन स्कूल द्वारा फीस कम नही की गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई गई है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित जिला प्रशासन की कोर टीम को प्रकरण की जांच करने और कैम्ब्रियन स्कूल की सीबीएससी संबद्वता हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत एनओसी रद्व करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त प्रवर्तन एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कैम्ब्रियन स्कूल को नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रिसिंपल को तलब किया और फीस स्ट्रक्चर की जांच के दौरान 30 मई को दिए गए आदेशों का अनुपालन करने की कडी हिदायत दी गई। मानक से अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त हिदायत के बाद निजी स्कूल बैकफुट पर आया।

स्कूल प्रशासन ने मनमाने तरीके से बढ़ाई 10 प्रतिशत फीस को 05 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने 18 जुलाई को अभिभावकों को एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से वसूल किए गए अधिक शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में घटाते हुए समायोजित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक जिन्होंने अभी तक फीस जमा नही की है, उन पर कोई बिलंब शुल्क भी नही लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र जिनका कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं है, उनसे कंप्यूटर फीस नही ली जाएगी। अभिभावक किसी भी बुक सेलर दुकान से किताबें और ड्रेस खरीद करने के लिए स्वतंत्र है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहीं से भी शिकायत प्राप्त हुई, तो इस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त की जाएगी। कहा कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की स्कूलों पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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