Ahemdabad Plane Crash: 12जून 2025को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171टेकऑफ के महज 30सेकंड बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 241यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 270लोगों की मौत हो गई, जबकि केवल एक यात्री जीवित बचा। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की 15पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हादसे की वजह टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई का बंद होना था। पायलटों ने इंजनों को दोबारा शुरू करने की कोशिश की, लेकिन कम ऊंचाई के कारण विमान को पर्याप्त शक्ति नहीं मिली और वह क्रैश हो गया। यह हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी बाहरी उपकरण की गड़बड़ी के कारण हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
तीन दिशाओं में होगी जांच
AAIB की रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से खुलासा हुआ कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “तुमने फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?” जिसका जवाब था, “मैंने नहीं किया।” यह संवाद हादसे की गुत्थी को और उलझाता है। जांच अब तीन प्रमुख दिशाओं में होगी: पहला, क्या बोइंग 787-8विमान में कोई तकनीकी खराबी थी? दूसरा, क्या फ्यूल स्विच मैन्युअल रूप से या जानबूझकर बंद किए गए, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि गलती से स्विच का ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पर जाना मुश्किल है। तीसरा, क्या कोई अन्य उपकरण की खराबी हादसे का कारण बनी? बोइंग और अन्य उपकरण निर्माताओं को जांच में शामिल किया गया है, और जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आती, कोई भी पक्ष जिम्मेदारी से मुक्त नहीं है।
अंतिम निष्कर्ष का इंतजार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और अंतिम निष्कर्ष के लिए इंतजार करना होगा। उन्होंने जांच की पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के पालन की सराहना की, साथ ही भारतीय पायलटों और चालक दल को विमानन उद्योग की रीढ़ बताया। रिपोर्ट में अभी तक बोइंग या GE इंजनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हादसे की उड़ान केवल 30सेकंड की थी, जिसमें विमान 180नॉट्स की अधिकतम गति तक पहुंचा था। अंतिम रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।









